हमारी गोपी जी -- एक अनोखा व्यक्तित्व !!
गोपी जी की लीला तो है, देखो कैसी अपरम्पार ।
खूब सँभालें आईसीसी में, सीनियर्स का संसार ।।
कभी मंच पर वो दिखतीं हैं, देती हुई स्पीच ।
कभी हॉल में हैं दिख जातीं,दर्शकगण के बीच।।
ग़ज़ब का है उत्साह भरा,और ऐक्टिव भी रहतीं हैं।
मेल भेज कर हम सबको वो, आमन्त्रित करती हैं।।
जॉलीवुड में झूम झूम कर , सबको हैं हर्षाती।
हाथ पकड़ कर ले जातीं हैं,सबको नाच नचातीं।।
बोली में मिश्री रहती है, सदा ही ये हँसतीं रहतीं।
गले सभी से मिलती हैं और,स्वागत करती रहतीं।।
प्रीतिभोज में घूम घूम कर,सबसे पूछें हैं वो।
"खाना कैसा लगा आपको? ज़रा बताएँ मुझको"।।
गोपी जी ख़ुश रहें सदा ही,चिरजीवी हों,स्वस्थ रहें।
सीनियर्स की ताकत हैं वो, आईसीसी में छाई रहें।।
शुभकामनाओं सहित,
- शकुन्तला बहादुर